Bhadrak – Foundation Stone Ceremony of Pawan Dham, Aradi, Odisha

On the occasion of foundation Stone ceremony of Pawan Dham at Aradi, Bhadrak, Odisha Respected Divine Rajyogi BK Raju Bhai ji from HQ Mount Abu joined & blessed the occasion. Among with him Rajyogi Bro. BK Santosh ji, Gyanamrit Dept., Rajyogi Bro. BK Suryamani ji, Videography Dept. Shantivan ,Rajyogi Bro. BK Nathmal ji, Cuttack, Bro.Chandrachuda ji,Muni Samaj, Dr.Bk Surath & Rajyogini Sis. BK Manju ,Bhadrak joined the occasion.
 
Programme started at 12 noon & continued for 2 hrsInitially Baba’s flag hoisting & a small newly built  Baba’s cottage was inaugurated by Rajyogi BK Raju Bhai ji & the Guests.
Rajyogi BK Raju Bhai ji motived Kumars by his inspirational Speech to give maximum effort for Pawan Dham. Everybody expected to complete pawan Dham construction within A Year.
The program was co-ordinated by Bro.BK Bhagbat,Delhi .Sis.Deepa sung a nice divine Baba’s song & every body fallicited the 105 years mother BK Usha who gifted this land to Baba for construction of Pawan Dham.

TANAV MUKTI PR PROGRAM RETIRED GOVT SERVENT ASSOCIATION

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इंस्टिट्यूट ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेण्टर (आई सी ए आर ) भद्रक ओडिसा में प्रशिक्षणाथियों को नैतिक मूल्यों से पॉजिटिव थिकिंग का पाठ पढ़ाया

इंस्टिट्यूट ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन एंड रिसर्च  सेण्टर (आई सी ए आर ) भद्रक  ओडिसा में प्रशिक्षणाथियों को नैतिक मूल्यों से पॉजिटिव थिकिंग का पाठ पढ़ाया 

आयोजक स्थानीय ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र भद्रकः ओडिसा
मुख्य वक्ता —ब्रह्माकुमार भगवान् भाई माउंट आबू 
विषय — नैतिक मूल्यों से पॉजिटिव थिकिंग 
संस्था डायरेक्टर –श्री  प्रदीप कुमार बेहेरा 
बी के सौभाग्य भाई ने ब्रह्माकुमारी संस्था का परिचय दिया ​
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सिनेमा व इंटरनेट ने भटकाया

ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कहा कि वर्तमान समय कुसंग, सिनेमा, व्यसन और फैशन से युवा पीढ़ी भटक रही है।आध्यात्मिक ज्ञान और नैतिक शिक्षा के द्वारा युवा पीढ़ी को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने बताया कि सिनेमाइन्टरनेट व टीवी. के माध्यम से युवा पीढ़ी पर पाश्चात्य संस्कृति का आघात हो रहा है। इस आघात से युवा पीढ़ी कोबचाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी को कुछ रचनात्मक कार्य सिखाए, तब उनकी शक्ति सही उपयोगमें ला सकेंगे। वरिष्ठ राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कहा कि हमारे मूल्य हमारी विरासत है। मूल्य की संस्कृतिके कारण भारत की पूरे विश्व में पहचान है। इसलिए नैतिक मूल्य, मानवीय मूल्यों की पुर्नस्थापना के लिए सभी कोसामूहिक रूप में प्रयास करने चाहिए। सकारात्मक चिन्तन का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि सकारात्मक चिन्तन सेसमाज में मूल्यों की खुशबू फैलती है। सकारात्मक चिन्तन से जीवन की हर समस्याओं का समाधान होता है। उन्होंनेशिक्षा का मूल उद्देश्य बताते हुए कहा कि चरित्रवान, गुणवान बनना ही शिक्षा का उद्देश्य है। उन्होंने आध्यात्मिकता कोमूल्यों का स्रोत बताते हुए कहा कि शांति, एकाग्रता, ईमानदारी, धैर्यता, सहनशीलता आदि सद्गुण मानव जाती काश्रृंगार है।

Tying Rakshi at centre

Bhadrak,Odisha-18 August tying Rakshi at centre ,Rajyogi Bhagaban Bhaiji was present on the occasion,along with brothers & sisters .Sis. BK Manju tying Rakshi ,putting tilak & gave sweets & blessing cards to all.

Bhagban bhaiji explained the real meaning of rakshi.He told that rakshi is for peace &prosperity.telling sweet words is like eating sweets.feeling your real soul consciousness is like puttig tilak & give up all bad habbits & containing all virtues is like giving values of Rakshi.We all are children of supreme father God Shiva .so we are brothers & sisters.We shouldnot have criminal eye for sisters.Feel sisters as own sisters.This will be real respect to Rakshi.
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​कवी गंगाधर मेहेर  के जयंती  के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी को भी निमंत्रण दिया जिसमे

 माउंट आबू के बी के भगवान् भाई ने सकारात्मक जीवन शैली के बारे में संबोधित की और बी के मंजू बहन ने रक्षासूत्र बांधा 

इस प्रोग्राम में विशेष अतिथि 1 ) –भद्रक जिला के कलेक्टर श्री –लक्ष्मीनारायण मिश्र  2 ) —साहित्यकार प्डित श्री वेरेनद्र पण्डा  

3 )–वरिष्ठ वकील श्री निराकार जेना   4 ) लेखक श्री अभय सुतार 
उसके आलावा विशिष्ठ कवी और लेखक और साहित्यकार मान्यवर उपस्थित थे 

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भगवान भाई ने कहा कि 19वीं सदी तर्क की थी, 20वीं सदी प्रगति की रही और 21वीं सदी तनाव पूर्ण होगी। ऐसे 
तनावपूर्ण परिस्थितियों में तनाव से मुक्त होने सकारात्मक विचारों की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि मन में लगातार
 चलने वाले नकारात्मक विचारों से दिमाग में विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थ उतरकर शरीर में आ जाते हैं। इनसे अनेक 
बीमारियां होती हैं। मन के नकारात्मक विचारों से मनोबल, आत्मबल कमजोर बन जाता है।
बी के मंजू बहन प्रभारी भद्रक सेवाकेंद्र ने रक्षाबंधन का रहस्य बताया और भद्रक जिला के कलेक्टर श्री लक्ष्मीनारायण मिश्र , साहित्यकार श्री वेरेनद्र पण्डा , वरिष्ठ वकील श्री निराकार जेना  ,  लेखक श्री अभय सुतार और उपस्थित सभी मेहमानों को रक्षासूत्र बाधा 
प्रोग्राम में बी के नंदिनी चरंपा भद्रक की प्रभारी भी उपस्थित थी 

भद्रक (ओडिशा )में व्ही आई पी को राखी बांधी

Bhadrak,Odisha-18 August tying Rakshi at centre ,Rajyogi Bhagaban Bhaiji was present on the occasion,along with brothers & sisters .Sis. BK Manju tying Rakshi ,putting tilak & gave sweets & blessing cards to all.
Bhagban bhaiji explained the real meaning of rakshi.He told that rakshi is for peace &prosperity.telling sweet words is like eating sweets.feeling your real soul consciousness is like puttig tilak & give up all bad habbits & containing all virtues is like giving values of Rakshi.We all are children of supreme father God Shiva .so we are brothers & sisters.We shouldnot have criminal eye for sisters.Feel sisters as own sisters.This will be real respect to Rakshi.

भद्रक जिला के कलेक्टर श्री --लक्ष्मीनारायण मिश्र 1

भद्रक  (ओडिशा )में व्ही  आई पी को राखी बांधी 
 भद्रक जिला के कलेक्टर श्री –लक्ष्मीनारायण मिश्र
 लेखक श्री अभय सुतार
Tying Rakshi To Accountant R&B Bhadrak By BK  Sis.Manju
 Tying Rakshi To Hon’ble B.D.O,Bhadrak Bro.Sankarsan Behera
 Tying Rakshi to Brahaman by BK Manju along with him Bro.BK Bhagwan,Mt bu
 वरिष्ठ वकील श्री निराकार जेना
 साहित्यकार  श्री वेरेनद्र पण्डा

Raj Yoga Shivir

संसार का हर मनुष्य सुख–शांति की तलाश में रोज मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरूद्वारे में गुहार लगा रहा है। पूजा, पाठ, आरती, व्रत, उपवास, तीर्थ आदि धक्के खा खाकर इंसान थक गया है लेकिन सुख शांति आज भी कोसों दूर है.. बल्कि दुख, अशांति बढ़ती जा रही है, इसका एकमात्र कारण है देह अभिमान में वृद्धि होना और इन सब समस्याओं का एकमात्र निवारण और सुख, शान्ति का एकमात्र रास्ता स्व आत्मा का ज्ञान और परमात्मा की सही पहचान । इसी सत्य ईश्वरीय ज्ञान से और ईश्वर प्रदत्त राजयोग मेडिटेशन से सच्ची सुख, शान्ति का खजाना सहज ही मिल जाता है और सारा जीवन तनाव मुक्त होकर खुशहाल हो जाता है।”

जिसमें प्रात: 10 से 12 एवं संध्या 5 से8 बजे तक राजयोग मेडिटेशन का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा